रविवार, सितंबर 16, 2012

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का जो शोर सुनाई दे रहा है वह ठीक नहीं कहा जा सकता क्योंकि आज के दौर में ये देश की आवश्यकता है।  यह ज़रूरी है की पैसे के सत्रोत का पता सबको होना चाहिए ऐसा न हो की इसमें कालाधन लगा हो तो घाटा और अधिक होगा।  चोरबाजारी और काला धन देश का सबसे बड़ा खतरा है इसे सफ़ेद किये बगैर देश की आर्थिक स्थिति सुधरनी काफी मुश्किल है फिर भी देश में किसानों को बिचोलियों   के चंगुल से बचाने के   लिए ये ज़रूरी कदम हो सकता है छोटे  ग्राहकों को इससे काफी फायदा होगा।  किसानों को फायदा, ग्राहकों को फायदा तो लगता है की देश में चोरबाजारी ज़यादा है उनको घाटा ज़रूर होगा। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश   कर की चोरी रोकने के लिये भी ये सही कदम साबित हो सकता है। ये अवश्य है की छोटे व्यापारियों को घाटा होगा जो बिचोलियों के हाथों की कठपुतलियां बन कर रह गए है। आवश्यकता इस बात की  है की सरकार निवेशकों का पूरा ब्योरा देश को दे ताकि संशय की गुंजाइश न रहे।

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